जुठन 12th Class hindi- full story

 जुठन 12th Class hindi- full story 

जुठन 12th Class hindi- full story

यहाँ कक्षा 12 हिंदी (आरोह/अंतरा) की प्रसिद्ध आत्मकथात्मक रचना “जूठन” – ओमप्रकाश वाल्मीकि की पूर्ण कहानी (Full Story) सरल और परीक्षा-उपयोगी भाषा में दी जा रही है 👇

📘 जूठन – पूर्ण कहानी (Full Story)

लेखक : ओमप्रकाश वाल्मीकि

विधा : आत्मकथा (दलित साहित्य)

🔹 जूठन का अर्थ

‘जूठन’ का अर्थ है— दूसरों के छोड़े हुए भोजन के अवशेष। यह शब्द केवल भोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि दलित समाज के अपमान, गरीबी, शोषण और अमानवीय जीवन का प्रतीक बन जाता है।

🧑‍🌾 कहानी का सार (पूर्ण विवरण)

‘जूठन’ ओमप्रकाश वाल्मीकि की आत्मकथा का अंश है, जिसमें लेखक ने अपने बचपन, समाज में फैले जातिवाद और दलित जीवन की कठोर सच्चाइयों को उजागर किया है। लेखक का जन्म एक दलित परिवार में हुआ था। उनका बचपन उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर जिले के एक गाँव में बीता।

🔸 बचपन का अनुभव

लेखक बताता है कि उनके गाँव में दलितों के लिए अलग बस्ती थी। उन्हें ऊँची जाति के लोगों के घरों में घुसने की अनुमति नहीं थी। स्कूल में भी उनके साथ भेदभाव किया जाता था। उन्हें जमीन पर बैठाया जाता, अलग बर्तन दिए जाते और तिरस्कार भरी निगाहों से देखा जाता।

🔸 जूठन खाने की प्रथा

कहानी का सबसे मार्मिक भाग वह है जब लेखक की माँ को गाँव के बड़े लोगों की शादियों में जूठन (बचे हुए भोजन) इकट्ठा करना पड़ता था। यह जूठन कई दिनों तक घर में सुखाकर खाया जाता था। यह केवल भूख नहीं थी, बल्कि मजबूरी और अपमान था।

लेखक बताता है कि यह प्रथा दलित समाज में सामान्य मानी जाती थी, लेकिन इसमें छिपा हुआ दर्द और अपमान कोई नहीं समझता था।

🔸 शिक्षा के लिए संघर्ष

ओमप्रकाश वाल्मीकि पढ़ना चाहते थे, लेकिन गरीबी और जातिगत भेदभाव उनके रास्ते में बाधा बनते रहे। उन्हें कई बार स्कूल छोड़ने की नौबत आई, लेकिन उनकी माँ का संघर्ष और पिता की इच्छा उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती रही।

🔸 सामाजिक अन्याय और चेतना

जैसे-जैसे लेखक बड़े होते हैं, उन्हें अपने साथ हुए अन्याय का बोध होता है। वे समझते हैं कि यह केवल उनकी व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि पूरे दलित समाज की पीड़ा है। शिक्षा और लेखन के माध्यम से वे इस अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाते हैं।

🎯 रचना का संदेश

‘जूठन’ हमें यह सिखाती है कि—

  • जातिवाद समाज का सबसे बड़ा कलंक है
  • दलितों का जीवन संघर्ष, अपमान और पीड़ा से भरा रहा है
  • शिक्षा ही शोषण से मुक्ति का मार्ग है
  • आत्मसम्मान सबसे बड़ा अधिकार है

✍️ निष्कर्ष

“जूठन” केवल एक कहानी नहीं, बल्कि दलित समाज की सच्ची तस्वीर है। यह रचना पाठकों को झकझोर देती है और सोचने पर मजबूर करती है कि आज भी समाज में समानता कितनी दूर है। ओमप्रकाश वाल्मीकि ने अपने अनुभवों को साहसपूर्वक शब्दों में ढालकर साहित्य को नई दिशा दी है।

नीचे कक्षा 12 हिंदी – “जूठन” (ओमप्रकाश वाल्मीकि) के लिए सारांश, लघु उत्तरीय प्रश्न-उत्तर और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-उत्तर सरल, स्पष्ट और परीक्षा-उपयोगी रूप में दिए जा रहे हैं 👇

📘 जूठन – सारांश (Summary)

‘जूठन’ ओमप्रकाश वाल्मीकि की प्रसिद्ध आत्मकथात्मक रचना है, जिसमें लेखक ने अपने बचपन के अनुभवों के माध्यम से दलित समाज की पीड़ा, जातिगत भेदभाव और सामाजिक अन्याय को उजागर किया है। लेखक का जन्म एक दलित परिवार में हुआ था और उनका बचपन उत्तर प्रदेश के एक गाँव में बीता।

गाँव में दलितों को अलग बस्ती में रहना पड़ता था। उन्हें स्कूल, समाज और धार्मिक स्थानों पर अपमानित किया जाता था। लेखक की माँ को ऊँची जाति के लोगों की शादियों से जूठन (बचा हुआ भोजन) लाना पड़ता था, जिसे कई दिनों तक सुखाकर परिवार खाता था। यह जूठन दलित जीवन की मजबूरी और अपमान का प्रतीक है।

शिक्षा प्राप्त करने के दौरान लेखक को भेदभाव और अपमान सहना पड़ा, फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी। धीरे-धीरे उनमें सामाजिक चेतना का विकास हुआ और उन्होंने लेखन को अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का माध्यम बनाया। ‘जूठन’ समाज में व्याप्त जातिवाद पर गहरा प्रहार करती है और मानवीय समानता व आत्मसम्मान का संदेश देती है।

✍️ लघु उत्तरीय प्रश्न-उत्तर (Short Answer)

1. ‘जूठन’ शब्द का क्या अर्थ है?

उत्तर: जूठन का अर्थ है दूसरों के छोड़े हुए भोजन के अवशेष। यह दलित समाज की मजबूरी और अपमान का प्रतीक है।

2. ‘जूठन’ के लेखक कौन हैं?

उत्तर: ‘जूठन’ के लेखक ओमप्रकाश वाल्मीकि हैं।

3. ‘जूठन’ किस विधा की रचना है?

उत्तर: यह एक आत्मकथात्मक रचना है।

4. लेखक के बचपन का वातावरण कैसा था?

उत्तर: लेखक का बचपन गरीबी, जातिगत भेदभाव और सामाजिक अपमान के बीच बीता।

5. लेखक की माँ को जूठन क्यों लानी पड़ती थी?

उत्तर: गरीबी और सामाजिक व्यवस्था के कारण उन्हें ऊँची जाति की शादियों से जूठन लानी पड़ती थी।

6. स्कूल में लेखक के साथ कैसा व्यवहार किया जाता था?

उत्तर: स्कूल में लेखक के साथ भेदभाव किया जाता था और उन्हें अपमान सहना पड़ता था।

7. ‘जूठन’ में किस सामाजिक समस्या को प्रमुखता से दिखाया गया है?

उत्तर: जातिवाद और दलित शोषण को।

8. लेखक को आगे बढ़ने की प्रेरणा किससे मिली?

उत्तर: माँ के संघर्ष और पिता की इच्छा से।

📝 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-उत्तर (Long Answer)

1. ‘जूठन’ रचना का मूल उद्देश्य स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

‘जूठन’ का मूल उद्देश्य दलित समाज की वास्तविक स्थिति को उजागर करना है। लेखक ने अपने व्यक्तिगत अनुभवों के माध्यम से बताया है कि कैसे जातिवाद ने दलितों को शिक्षा, सम्मान और समान अधिकारों से वंचित रखा। यह रचना समाज को झकझोरने का कार्य करती है और समानता, मानवता तथा आत्मसम्मान की भावना को जाग्रत करती है।

2. ‘जूठन’ में लेखक के बचपन के अनुभवों का वर्णन कीजिए।

उत्तर:

लेखक का बचपन अत्यंत कष्टपूर्ण रहा। उन्हें गाँव में नीची जाति का समझकर अपमानित किया जाता था। स्कूल में अलग बैठाया जाता और सामाजिक आयोजनों में तिरस्कार झेलना पड़ता था। उनकी माँ को दूसरों की जूठन लानी पड़ती थी, जिसे परिवार कई दिनों तक खाता था। ये अनुभव लेखक के मन में गहरा दर्द और आक्रोश भर देते हैं।

3. ‘जूठन’ शीर्षक की सार्थकता सिद्ध कीजिए।

उत्तर:

‘जूठन’ शीर्षक अत्यंत सार्थक है क्योंकि यह केवल बचे हुए भोजन का प्रतीक नहीं, बल्कि दलित समाज के अपमानजनक जीवन का प्रतीक है। जूठन खाना दलितों की मजबूरी थी, जिसे समाज ने सामान्य मान लिया था। यह शीर्षक पूरी रचना के भाव, पीड़ा और सामाजिक संदेश को समेटे हुए है।

4. ‘जूठन’ रचना से हमें क्या सीख मिलती है?

उत्तर:

इस रचना से हमें यह सीख मिलती है कि जातिवाद समाज के लिए अभिशाप है। प्रत्येक व्यक्ति को समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए। शिक्षा के माध्यम से ही शोषण का अंत संभव है। साथ ही, आत्मसम्मान और संघर्ष ही परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

नीचे कक्षा 12 हिंदी – “जूठन” (ओमप्रकाश वाल्मीकि) के लिए

MCQ (बहुविकल्पीय प्रश्न), एक शब्द/परिभाषा वाले प्रश्न, तथा अतिरिक्त प्रश्न-उत्तर पूरी तरह परीक्षा-उपयोगी रूप में दिए जा रहे हैं 👇

📌 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)

1. ‘जूठन’ के लेखक कौन हैं?

(A) प्रेमचंद

(B) हरिशंकर परसाई

(C) ओमप्रकाश वाल्मीकि

(D) फणीश्वरनाथ रेणु

✔️ उत्तर: (C)

2. ‘जूठन’ किस विधा की रचना है?

(A) कहानी

(B) उपन्यास

(C) आत्मकथा

(D) निबंध

✔️ उत्तर: (C)

3. ‘जूठन’ शब्द का प्रतीकात्मक अर्थ क्या है?

(A) भोजन

(B) गरीबी

(C) अपमानपूर्ण जीवन

(D) श्रम

✔️ उत्तर: (C)

4. ‘जूठन’ में किस सामाजिक समस्या को प्रमुखता से दिखाया गया है?

(A) बेरोजगारी

(B) जातिवाद

(C) नारी शोषण

(D) बाल मजदूरी

✔️ उत्तर: (B)

5. लेखक का बचपन किस राज्य के गाँव में बीता?

(A) बिहार

(B) राजस्थान

(C) उत्तर प्रदेश

(D) मध्य प्रदेश

✔️ उत्तर: (C)

6. दलितों को जूठन क्यों खानी पड़ती थी?

(A) परंपरा के कारण

(B) शौक से

(C) मजबूरी और गरीबी के कारण

(D) स्वाद के लिए

✔️ उत्तर: (C)

7. ‘जूठन’ रचना किस साहित्य से संबंधित है?

(A) आदर्शवादी साहित्य

(B) छायावाद

(C) दलित साहित्य

(D) प्रयोगवाद

✔️ उत्तर: (C)

8. लेखक को संघर्ष की प्रेरणा किससे मिली?

(A) शिक्षक से

(B) मित्रों से

(C) माता-पिता से

(D) समाज स

✔️ उत्तर: (C)

🧠 एक शब्द / परिभाषा वाले प्रश्न

1. जूठन – दूसरों के छोड़े हुए भोजन के अवशेष।

2. आत्मकथा – लेखक द्वारा अपने जीवन का वर्णन।

3. दलित – समाज का वह वर्ग जो जातिगत भेदभाव का शिकार रहा हो।

4. जातिवाद – जाति के आधार पर भेदभाव करने की सामाजिक व्यवस्था।

5. आत्मसम्मान – स्वयं के सम्मान की भावना।

6. सामाजिक शोषण – समाज के किसी वर्ग पर किया गया अन्याय।

7. दलित साहित्य – दलित जीवन की पीड़ा और संघर्ष को व्यक्त करने वाला साहित्य।

8. भेदभाव – समानता न बरतना।

❓ अतिरिक्त प्रश्न-उत्तर (Very Important)

1. ‘जूठन’ रचना का मुख्य विषय क्या है?

उत्तर: दलित समाज की पीड़ा और जातिगत भेदभाव।

2. लेखक की माँ जूठन के साथ क्या करती थीं?

उत्तर: उसे सुखाकर कई दिनों तक परिवार को खिलाती थीं।

3. ‘जूठन’ में शिक्षा का क्या महत्व बताया गया है?

उत्तर: शिक्षा को शोषण से मुक्ति का साधन बताया गया है।

4. लेखक को समाज में किस प्रकार का अपमान सहना पड़ा?

उत्तर: जाति के कारण स्कूल और समाज में भेदभाव व तिरस्कार।

5. ‘जूठन’ समाज को क्या संदेश देती है?

उत्तर: समानता, मानवता और आत्मसम्मान का संदेश।

6. ‘जूठन’ शीर्षक क्यों उपयुक्त है?

उत्तर: क्योंकि यह दलित जीवन की मजबूरी और अपमान का प्रतीक है।

नीचे कक्षा 12 हिंदी – “जूठन” (ओमप्रकाश वाल्मीकि) के लिए 50 महत्वपूर्ण Objective (MCQ) प्रश्न दिए जा रहे हैं, जो बोर्ड परीक्षा के लिए बहुत उपयोगी हैं 👇

📘 जूठन – 50 Objective Important Questions (MCQ)

1. ‘जूठन’ के लेखक कौन हैं?

(A) प्रेमचंद

(B) ओमप्रकाश वाल्मीकि

(C) हरिशंकर परसाई

(D) फणीश्वरनाथ रेणु

✔️ उत्तर: (B)

2. ‘जूठन’ किस विधा की रचना है?

(A) कहानी

(B) उपन्यास

(C) आत्मकथा

(D) निबंध

✔️ उत्तर: (C)

3. ‘जूठन’ शब्द का शाब्दिक अर्थ क्या है?

(A) गरीबी

(B) संघर्ष

(C) बचा हुआ भोजन

(D) अपमान

✔️ उत्तर: (C)

4. ‘जूठन’ किस साहित्य से संबंधित है?

(A) छायावाद

(B) प्रयोगवाद

(C) दलित साहित्य

(D) आदर्शवाद

✔️ उत्तर: (C)

5. लेखक का जन्म किस समाज में हुआ था?

(A) ब्राह्मण

(B) क्षत्रिय

(C) वैश्य

(D) दलित

✔️ उत्तर: (D)

6. लेखक का बचपन किस राज्य में बीता?

(A) बिहार

(B) उत्तर प्रदेश

(C) राजस्थान

(D) हरियाणा

✔️ उत्तर: (B)

7. दलित बस्ती गाँव में कहाँ होती थी?

(A) बीच में

(B) मंदिर के पास

(C) अलग स्थान पर

(D) स्कूल के पास

✔️ उत्तर: (C)

8. लेखक की माँ क्या काम करती थीं?

(A) अध्यापिका

(B) मजदूर

(C) जूठन इकट्ठा करना

(D) किसान

✔️ उत्तर: (C)

9. जूठन को क्या करके खाया जाता था?

(A) तुरंत

(B) पकाकर

(C) सुखाकर

(D) फेंककर

✔️ उत्तर: (C)

10. ‘जूठन’ में मुख्य सामाजिक समस्या कौन-सी है?

(A) बेरोजगारी

(B) जातिवाद

(C) महँगाई

(D) अशिक्षा

✔️ उत्तर: (B)

11. स्कूल में लेखक को कहाँ बैठाया जाता था?

(A) बेंच पर

(B) पीछे

(C) जमीन पर

(D) बरामदे में

✔️ उत्तर: (C)

12. लेखक को स्कूल में अलग क्यों रखा जाता था?

(A) शरारती होने के कारण

(B) गरीब होने के कारण

(C) जाति के कारण

(D) उम्र के कारण

✔️ उत्तर: (C)

13. ‘जूठन’ में जूठन किसकी प्रतीक है?

(A) भोजन

(B) अपमानपूर्ण जीवन

(C) त्योहार

(D) परंपरा

✔️ उत्तर: (B)

14. लेखक को आगे बढ़ने की प्रेरणा किससे मिली?

(A) शिक्षक

(B) मित्र

(C) माता-पिता

(D) समाज

✔️ उत्तर: (C)

15. लेखक ने अन्याय के विरुद्ध क्या माध्यम चुना?

(A) राजनीति

(B) आंदोलन

(C) लेखन

(D) व्यापार

✔️ उत्तर: (C)

16. ‘जूठन’ किस प्रकार की रचना है?

(A) काल्पनिक

(B) आत्मानुभव पर आधारित

(C) पौराणिक

(D) रोमांटिक

✔️ उत्तर: (B)

17. दलितों को सामाजिक कार्यक्रमों में क्या मिलता था?

(A) सम्मान

(B) समान भोजन

(C) जूठन

(D) उपहार

✔️ उत्तर: (C)

18. लेखक को किससे सबसे अधिक पीड़ा होती थी?

(A) गरीबी से

(B) जातिगत अपमान से

(C) बीमारी से

(D) काम से

✔️ उत्तर: (B)

19. ‘जूठन’ रचना पाठक को क्या करने पर मजबूर करती है?

(A) हँसने पर

(B) सोचने पर

(C) रोने पर

(D) खेल खेलने पर

✔️ उत्तर: (B)

20. ‘जूठन’ का मुख्य उद्देश्य क्या है?

(A) मनोरंजन

(B) समाज सुधार

(C) इतिहास लेखन

(D) कथा-वाचन

✔️ उत्तर: (B)

21. ‘जूठन’ में किस वर्ग का शोषण दिखाया गया है?

(A) मजदूर

(B) किसान

(C) दलित

(D) व्यापारी

✔️ उत्तर: (C)

22. लेखक के अनुसार मुक्ति का मार्ग क्या है?

(A) धन

(B) शक्ति

(C) शिक्षा

(D) राजनीति

✔️ उत्तर: (C)

23. लेखक को किस बात का बोध हुआ?

(A) व्यक्तिगत समस्या

(B) सामाजिक समस्या

(C) आर्थिक समस्या

(D) पारिवारिक समस्या

✔️ उत्तर: (B)

24. ‘जूठन’ रचना का स्वर कैसा है?

(A) हास्य

(B) करुण

(C) वीर

(D) श्रृंगार

✔️ उत्तर: (B)

25. लेखक के पिता क्या चाहते थे?

(A) नौकरी

(B) व्यापार

(C) पढ़ाई

(D) खेती

✔️ उत्तर: (C)

26. ‘जूठन’ में समाज की कैसी मानसिकता दिखाई गई है?

(A) उदार

(B) वैज्ञानिक

(C) संकीर्ण

(D) आधुनिक

✔️ उत्तर: (C)

27. दलितों को मंदिर में प्रवेश क्यों नहीं था?

(A) नियम के कारण

(B) परंपरा के कारण

(C) जातिवाद के कारण

(D) इच्छा न होने के कारण

✔️ उत्तर: (C)

28. लेखक की माँ किस गुण की प्रतीक हैं?

(A) कमजोरी

(B) संघर्ष

(C) आलस्य

(D) डर

✔️ उत्तर: (B)

29. ‘जूठन’ किस सच्चाई को उजागर करती है?

(A) ऐतिहासिक

(B) धार्मिक

(C) सामाजिक

(D) राजनीतिक

✔️ उत्तर: (C)

30. ‘जूठन’ पाठ किस कक्षा में है?

(A) 10वीं

(B) 11वीं

(C) 12वीं

(D) स्नातक

✔️ उत्तर: (C)

31. ‘जूठन’ किस पाठ्यपुस्तक में शामिल है?

(A) क्षितिज

(B) स्पर्श

(C) आरोह

(D) मल्हार

✔️ उत्तर: (C)

32. लेखक के अनुसार आत्मसम्मान क्या है?

(A) धन

(B) अधिकार

(C) अहंकार

(D) पद

✔️ उत्तर: (B)

33. ‘जूठन’ में किस यथार्थ का चित्रण है?

(A) शहरी

(B) ग्रामीण

(C) औद्योगिक

(D) विदेशी

✔️ उत्तर: (B)

34. लेखक का उद्देश्य पाठक में क्या जगाना है?

(A) क्रोध

(B) करुणा

(C) चेतना

(D) भय

✔️ उत्तर: (C)

35. दलित साहित्य की प्रमुख विशेषता क्या है?

(A) कल्पना

(B) यथार्थ

(C) मनोरंजन

(D) रोमांस

✔️ उत्तर: (B)

36. ‘जूठन’ किस प्रकार की पीड़ा दर्शाती है?

(A) मानसिक

(B) शारीरिक

(C) सामाजिक

(D) सभी

✔️ उत्तर: (D)

37. लेखक के बचपन का सबसे बड़ा संघर्ष क्या था?

(A) बीमारी

(B) भूख

(C) जातिगत भेदभाव

(D) काम

✔️ उत्तर: (C)

38. ‘जूठन’ किस काल की समस्या को दिखाती है?

(A) प्राचीन

(B) मध्यकालीन

(C) आधुनिक

(D) भविष्य

✔️ उत्तर: (C)

39. लेखक ने अन्याय के विरुद्ध क्या किया?

(A) चुप रहे

(B) गाँव छोड़ा

(C) लेखन किया

(D) झगड़ा किया

✔️ उत्तर: (C)

40. ‘जूठन’ किसका दस्तावेज़ है?

(A) इतिहास का

(B) दलित जीवन का

(C) राजनीति का

(D) धर्म का

✔️ उत्तर: (B)

41. ‘जूठन’ पढ़कर पाठक में क्या भावना आती है?

(A) आनंद

(B) संवेदना

(C) डर

(D) घृणा

✔️ उत्तर: (B)

42. लेखक की रचना किस शैली में है?

(A) अलंकारिक

(B) सरल

(C) क्लिष्ट

(D) काव्यात्मक

✔️ उत्तर: (B)

43. ‘जूठन’ समाज को क्या संदेश देती है?

(A) सहनशीलता

(B) समानता

(C) परंपरा

(D) आज्ञाकारिता

✔️ उत्तर: (B)

44. लेखक का संघर्ष किसके लिए था?

(A) धन

(B) पद

(C) सम्मान

(D) प्रसिद्धि

✔️ उत्तर: (C)

45. ‘जूठन’ किस वर्ग की आवाज़ है?

(A) अमीर

(B) मध्यम

(C) शोषित

(D) शासक

✔️ उत्तर: (C)

46. लेखक को सबसे अधिक सहारा किससे मिला?

(A) समाज

(B) सरकार

(C) परिवार

(D) मित्र

✔️ उत्तर: (C)

47. ‘जूठन’ में जीवन का कौन-सा पक्ष प्रमुख है?

(A) सुख

(B) संघर्ष

(C) विलास

(D) रोमांच

✔️ उत्तर: (B)

48. दलितों को जूठन देना क्या दर्शाता है?

(A) दया

(B) प्रेम

(C) अपमान

(D) सहयोग

✔️ उत्तर: (C)

49. ‘जूठन’ किस मूल्य पर बल देती है?

(A) धन

(B) शक्ति

(C) मानवता

(D) सत्ता

✔️ उत्तर: (C)

50. ‘जूठन’ रचना का अंत किस भावना पर होता है?

(A) निराशा

(B) विद्रोह

(C) चेतना और संघर्ष

(D) भय

✔️ उत्तर: (C)

✍️ आउट्रो : जूठन (ओमप्रकाश वाल्मीकि)

इस प्रकार ओमप्रकाश वाल्मीकि की आत्मकथात्मक रचना ‘जूठन’ हमें केवल लेखक के जीवन की कथा नहीं सुनाती, बल्कि भारतीय समाज में व्याप्त जातिवाद, असमानता और अमानवीय व्यवहार की सच्चाई से रूबरू कराती है। यह रचना बताती है कि दलित समाज का जीवन केवल गरीबी का ही नहीं, बल्कि निरंतर अपमान और संघर्ष का भी जीवन रहा है। ‘जूठन’ का प्रतीकात्मक अर्थ पूरे दलित समाज की पीड़ा, विवशता और शोषण को अभिव्यक्त करता है।

इस रचना के माध्यम से लेखक यह स्पष्ट करता है कि शिक्षा और आत्मसम्मान ही वह शक्ति हैं, जिनके सहारे शोषित वर्ग अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर सकता है। लेखक की माँ का त्याग, संघर्ष और सहनशीलता दलित नारी के दृढ़ चरित्र को उजागर करता है, जबकि लेखक का जीवन-संघर्ष सामाजिक चेतना का प्रतीक बन जाता है।

अतः ‘जूठन’ न केवल एक आत्मकथा है, बल्कि समाज को आईना दिखाने वाली एक सशक्त दस्तावेज़ है, जो हमें सोचने पर मजबूर करती है कि सच्चे अर्थों में समानता और मानवता की स्थापना कैसे संभव हो। यह रचना पाठकों के मन में करुणा, संवेदना और सामाजिक न्याय की भावना जाग्रत करती है तथा एक भेदभाव-मुक्त समाज की आवश्यकता पर बल देती है।

Post a Comment

0 Comments